झारखंड सामान्य ज्ञान 2026/Jharkhand geography short notes/झारखंड का भूगोल शॉर्ट नोट्स 2026


 




                    झारखंड का भौगोलिक परिचय 


🌿 झारखंड, विश्व के मानचित्र पर उतरी गोलार्ध में स्थित है । और भारत देश के पूर्वी भाग में स्थित है।


🌿 झारखंड राज्य का अक्षांशीय विस्तार– 21°58'10" से 25°19'15" उत्तरी अक्षांश और देशांतरीय विस्तार– 83°19'50" से 87°57' पूर्वी देशांतर  है । 


🌿 झारखंड की लंबाई उतर से दक्षिण की ओर 380KM और चौड़ाई , पूर्व से पश्चिम की ओर 463 KM है। 


🌿 झारखंड राज्य का गठन , एकीकृत बिहार के 46% भूभाग को अलग करके किया गया है, जिसमें में एकीकृत बिहार के 18 जिले शामिल थे। 


🌿 झारखंड राज्य की सीमाएं – पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में छत्तीसगढ़, उतर में बिहार, दक्षिण में उड़ीसा और उतर पश्चिमी में उत्तरप्रदेश।


🌿 लोहरदगा और खूंटी, झारखंड के ऐसे दो जिले है जो किसी भी राज्य की सीमा को स्पर्श नहीं करते है। और गढ़वा एकमात्र ऐसी जिला है जो बिहार, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ तीन राज्यों की सीमा को स्पर्श करती है । 


🌿 झारखंड राज्य का कुल क्षेत्रफल 79714 KM² है ,जो भारत देश के कुल क्षेत्रफल का 2.42 % है । झारखंड का ग्रामीण क्षेत्रफ़ल 77922 KM² और शहरी क्षेत्रफ़ल 1792 KM² है। 


🌿 झारखंड की कुल जनसंख्या 32988134 है जो भारत के कुल जनसंख्या का 2.72% है। ( 2011 की जनगणना के अनुसार)


🌿 झारखंड को चार भौगोलिक क्षेत्र में बांटा गया है – (i) पाट प्रदेश, (i i) रांची – हजारीबाग का पठार, (i i i) राजमहल ट्रैप और (i v) चाईबासा का मैदान ।


🌿 छोटानागपुर पठार के पश्चिमी हिस्से में स्थित ऊंचे और समतल पठारी भाग को पाट प्रदेश कहा जाता है ।


🌿 पाट क्षेत्र, त्रिभुजाकार आकार का है ।पाट प्रदेश की औसतन ऊंचाई 900/1000 मीटर तक की होती है। जमीरा पाट को औसत ऊंचाई 1142 मीटर है। 


🌿 नेतरहाट पाट, झारखंड की सबसे ऊंचा पाट क्षेत्र है ।( ऊंचाई – 1180 मीटर ) 


🌿 पाट क्षेत्र की निचली हिस्सा को दोन और ऊपरी हिस्सा को टांड़ कहा जाता है ।


🌿 सानू और सरयू , पाट प्रदेश की प्रमुख पहाड़ियां हैं । बरवे का मैदान इसी पाट क्षेत्र का हिस्सा है । 


🌿 चाईबासा के मैदान, समुद्र तल से 150 से 300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं।


🌿 झारखंड का सबसे ऊंचा जलप्रपात बूढ़ाघाघ, इसी पाट क्षेत्र के लातेहार जिला के बूढ़ा नदी पर स्थित है ।


🌿 दामोदर नदी बेसिन, रांची और हजारीबाग के पठार ( समुद्र तल से औसत ऊंचाई 600 मीटर) को एक दूसरे से अलग करती है/ इन दोनों के बीच से गुजरती है ।


🌿 छोटानागपुर के पठार को खनिजों का गोदाम घर भी कही जाती है । इसी पठार पर झारखंड अवस्थित है । 


🌿 झारखंड राज्य के कुल भूभाग का 47.8% क्षेत्र में छोटानागपुर का पठार फैली हुई है ।


🌿 पारसनाथ/सम्मेद शिखर, झारखंड का सबसे ऊंचा स्थल है, जो गिरिडीह जिला में स्थित है।


🌿 पारसनाथ शिखर, समुद्र तल से 1365 मीटर/ 4478 फीट/4480 फीट की ऊंचाई पर अवस्थित है ।

 
🌿 पारसनाथ शिखर का नाम जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर “ पार्श्वनाथ” के नाम पर पड़ा है , जिनको यहां पर मोक्ष की प्राप्ति हुई थी ।


🌿 जिस क्षेत्र में पारसनाथ शिखर स्थित है, उस क्षेत्र को मधुबन के नाम से भी जाना जाता है । 


🌿 स्थानीय संथाल जनजाति के समुदाय , पारसनाथ शिखर को मरांगबुरू/महान पर्वत/सर्वोच्च देवता के रूप में मानते हैं। ऐसी मानी जाती है कि हिमालय क्षेत्र के पशु, इस शिकार के क्षेत्र में देखे जाते हैं।


🌿 पारसनाथ पहाड़ी, आर्कियन युग की चट्टानों से निर्मित है। जो अवशिष्ट पर्वत का अच्छा उदाहरण है। यह शिखर बराकर नदी के तट पर स्थित है । 


🌿 पूरे भारत के सर्वोच्च ऊंची पहाड़ी की सूची में पारसनाथ पहाड़ी 271st नंबर पर है । 


🌿 यह शिखर गिरिडीह पठार का हिस्सा है, जिसपर जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकरों ने अपनी मोक्ष की प्रति की है ।


🌿 रांची का पठार( पाट क्षेत्र का हिस्सा ) , झारखंड की सबसे पश्चिमी और सबसे ऊंचा भाग है ,जो समुद्र तल से 2500 – 3600 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। 


🌿 रांची का पठार(झारखंड का सबसे बड़ा पठारी भाग), छोटानागपुर पठार के दक्षिणी हिस्से में स्थित है, जो छोटानागपुर पठार का सबसे बड़ा हिस्सा भी मानी जाती है । 


🌿 छोटानागपुर पठार, प्रायद्वीपीय पठार के उतर पूर्वी भाग में स्थित है । इसकी औसत ऊंचाई समुद्र तल से 760 मीटर है । 


🌿 रांची का पठार भाग, चौकोर आकार का है ।


🌿 राजमहल ट्रैप, झारखंड की उतर पूर्वी भाग में स्थित है। जिसके पहाड़ियों के बीच मेराल और गुमानी की नदी घाटियां पाई जाती हैं। 


🌿 राजमहल में गुबंदनुमा पहाड़ियों को स्थानीय भाषा में डोंगरी और नुकीली पहाड़ियों को टोंगरी कहा जाता है ।


🌿 राजमहल ट्रैप/पहाड़ियां, उतर में साहेबगंज से दक्षिण में बंगाल की सीमा तक 3000 KM² भूभाग पर फैली हुई है । 


🌿 ये पहाड़ियां, गोंडवाना चट्टानों के निर्माण के बाद जुरासिक युग में बनी हैं। 


🌿 राजमहल ट्रैप की औसतन ऊंचाई, समुद्र तल से लगभग 150 से 300 मीटर तक है । 


🌿 बरहैत और जिलेबिया घाटी साहेबगंज में, डोम्बारी बुरु खूंटी जिले में  और फुलडुंगरी – जिलिंगडूंगरी पहाड़ियां  पूर्वी सिंहभूम में , कनहरी पहाड़ी हजारीबाग में स्थित है । 


🌿 आकाश लोचन, चतरा स्थित कोल्हूआ पहाड़ी की सबसे ऊंची चोटी है । 




                झारखंड की भूगर्भीक संरचना 

🌿 झारखंड के धारवाड़ युगीन खनिज चट्टानों को धात्विक खनिज का भंडार कहा जाता है ।


🌿 चूंकि धारवाड़ युगीन को चट्टानें मुख्यत पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला खरसावां के क्षेत्रों में फैली हुई है।जिसके कारण  धारवाड़ युगीन चट्टानों को कोल्हान श्रेणी के नाम से भी जाना जाता है।


🌿 झारखंड का मुख्य प्राकृतिक भूभाग छोटानागपुर पठार का हिस्सा है । छोटानागपुर पठार में  रांची का पठार, हजारीबाग का पठार तथा कोडरमा का पठार  आते  हैं। 


🌿 छोटानागपुर का पठार, 65000 KM² क्षेत्र में फैली हुई है ।


🌿  लेटराइट एवं बॉक्साइट का निर्माण, राजमहल ट्रैप और  दक्कन  लावा की  चट्टानों के  अपक्षयन  के परिणाम स्वरुप   हुआ है।


🌿  आर्कियन ग्रेनाइट , नीस और  धारवाड़ क्रम की चट्टानों का संबंध, छोटानागपुर की आग्नेय , अवसादी और रूपांतरित   चट्टानों से है।


🌿 झारखंड के प्रमुख कोयला निक्षेपों का निर्माण  गोंडवाना क्रम की चट्टानों से हुई है ।


🌿 झारखंड के 90% भूभाग पर  आर्कियन , ग्रेनाइट , नीस एवं  धारवाड़ क्रम  की चट्टानों  का विस्तार है।


🌿 धारवाड़ क्रम को चट्टानों को  लौह अयस्क की श्रृंखला भी कहा जाता है ।


🌿 विंध्यान क्रम की चट्टाने  मुख्य रूप से  गढ़वा जिले में पाई जाती है । ये परतदार और अवसादी चट्टानें किस्म की होती हैं।




                            झारखंड की जलवायु 

🌿 झारखंड की  जलवायु उष्णकटिबंधीय मानसूनी प्रकार की है । 


🌿 झारखंड में औसत वार्षिक वर्षा  100 से 200 सेंटीमीटर के बीच रहती है । तथा झारखंड का औसत वार्षिक तापमान 25°C होती है।


🌿 झारखंड में सर्वाधिक वर्षा नेतरहाट (लातेहार) में होती है( 180 सेंटीमीटर से अधिक)। जबकि सबसे कम वर्ष वाला क्षेत्र चाईबासा का मैदान इलाका है ।


🌿  झारखंड में प्राय मानसून  10 जून के आसपास प्रवेश कर जाती है। तथा दक्षिण पश्चिम मानसून के कारण होती है।


🌿 झारखंड में वर्षा, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर  दोनों शाखाओं के द्वारा  होती है।


🌿 झारखंड में मानसून मध्य  अक्टूबर तक वापस लौट जाती है। तथा  लौटते मानसून के कारण सितंबर और नवंबर के महीने में  भी झारखंड में वर्षा होती है। 


🌿 झारखंड में शीतकालीन बारिश, भूमध्य सागर की ओर से आनेवाले  चक्रवातों के कारण होती है ।


🌿 नेतरहाट, झारखंड की सबसे ठंडी जगह है। नेतरहाट को छोटानागपुर की रानी भी कही जाती है।
🌿 जमशेदपुर, झारखंड की सबसे गर्म वाली जगह है। 


🌿 JAPCC ( JHARKHAND ACTION PLAN ON CLIMATE CHANGE) द्वारा जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय योजना 30 जून 2008 को जारी की गई थी।



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