झारखंड सरकार की 2000–2026 तक की प्रमुख योजनाओं का विस्तृत संग्रह। JPSC, JSSC, CGL एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी।

झारखंड सरकार की 2000–2026 तक की प्रमुख योजनाओं का विस्तृत संग्रह। JPSC, JSSC, CGL एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी।


झारखंड सरकार की सभी योजनाएं 2000 से 2026 तक – सम्पूर्ण नोट्स

1. झारखंड राज्य एवं योजनाओं का परिचय

झारखंड राज्य का गठन 15 नवंबर 2000 बिरसा मुंडा की जयंती को बिहार से अलग होकर हुआ था। खनिज संपदा, वन संपदा एवं आदिवासी संस्कृति से परिपूर्ण इस राज्य में राज्य सरकारों ने समय-समय पर जन कल्याण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। राज्य में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में सैकड़ों योजनाएं चलाई गई हैं।

झारखंड की लगभग 86% जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, जिनमें से अधिकांश अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) एवं पिछड़े वर्ग (OBC) से संबंधित हैं। इसलिए यहां की सरकारी योजनाएं मुख्य रूप से इन्हीं वर्गों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।

वर्ष 2000 से 2026 के बीच झारखंड में कई सरकारें आईं और चली भी गईं। पर इस दौरान कई बार राष्ट्रपति शासन भी लागू रहा। प्रत्येक सरकार ने अपनी– अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार योजनाएं चलाईं। इस लेख में हम वर्ष 2000 से 2026 तक की सभी प्रमुख योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत कर रहे हैं। पहले हम इस झारखंड राज्य गठन hone से लेकर वर्तमान समय 2026 तक जितने भी मुख्यमंत्री बने हैं, उनका सूची देखते हैं। फिर उन सभी मुख्यमंत्रीयों के कार्यकाल में जितने भी योजनाएं चलाईं गईं उनको क्रमवार तरीके से देखेंगे।

2. 2000 से 2026 तक मुख्यमंत्रियों की सूची

क्र.सं. मुख्यमंत्री दल कार्यकाल
1बाबूलाल मरांडीभाजपानव. 2000 – मार्च 2003
2अर्जुन मुंडा (प्रथम)भाजपामार्च 2003 – मार्च 2005
3शिबू सोरेन (प्रथम)JMMमार्च 2005 (10 दिन)
4अर्जुन मुंडा (द्वितीय)भाजपामार्च 2005 – सित. 2006
5मधु कोड़ानिर्दलीयसित. 2006 – अग. 2008
6शिबू सोरेन (द्वितीय)JMMअग. 2008 – जन. 2009
7राज्यपाल शासनजन. 2009 – दिस. 2009
8शिबू सोरेन (तृतीय)JMMदिस. 2009 – जून 2010
9अर्जुन मुंडा (तृतीय)भाजपासित. 2010 – जन. 2013
10हेमंत सोरेन (प्रथम)JMMजुलाई 2013 – दिस. 2014
11रघुवर दासभाजपादिस. 2014 – दिस. 2019
12हेमंत सोरेन (द्वितीय)JMMदिस. 2019 – फर. 2024
13चंपाई सोरेनJMMफर. 2024 – नव. 2024
14हेमंत सोरेन (तृतीय)JMMनव. 2024 – वर्तमान

3. 2000–2005: बाबूलाल मरांडी व अर्जुन मुंडा काल की योजनाएं

झारखंड के गठन के बाद बाबूलाल मरांडी राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बने। इस कार्यकाल में राज्य की बुनियादी नींव रखी गई। नई प्रशासनिक व्यवस्था, योजना आयोग और विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।

🔶 बाबूलाल मरांडी कार्यकाल (2000–2003) की प्रमुख योजनाएं:

  • बिरसा मुंडा तकनीकी छात्रवृत्ति योजना (2001): अनुसूचित जनजाति के छात्रों को तकनीकी शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करना। ITI एवं पॉलिटेक्निक में पढ़ने वाले छात्रों को सहायता।
  • कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालय योजना (2002): आदिवासी एवं पिछड़े वर्ग के बच्चों के लिए आवासीय विद्यालयों की स्थापना।
  • बिरसा मुंडा आवास योजना (2002): आदिम जनजातियों को पक्के आवास निर्माण हेतु सरकारी सहायता। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को लाभ।
  • झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (2001): राज्य के गरीब परिवारों को सब्सिडाइज़्ड दर पर अनाज उपलब्ध कराना। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करना।
  • झारखंड औद्योगिक पुनर्वास योजना (2003): रुग्ण उद्योगों को पुनर्जीवित करने और नए उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू की गई।
  • मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (2002): गरीब परिवारों की कन्याओं के विवाह हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करने की योजना। इस योजना की पूरे देश में सराहना हुई।
  • जोहार योजना (2001): ग्रामीण जीविकोपार्जन एवं आजीविका संवर्धन के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा।

🔶 अर्जुन मुंडा कार्यकाल (2003–2005) की प्रमुख योजनाएं:

  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (2003): BPL परिवारों की बेटियों की शादी के लिए वित्तीय सहायता।
  • जनश्री बीमा योजना: गरीब परिवारों को सामाजिक सुरक्षा बीमा कवर देने की योजना।
  • सर्व शिक्षा अभियान (SSA) का क्रियान्वयन: 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा।
  • ग्रामीण पेयजल योजना: झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति।
  • झारखंड कौशल विकास प्रशिक्षण योजना: बेरोजगार युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण।

4. 2005–2010: शिबू सोरेन व मधु कोड़ा काल की योजनाएं

इस कालखंड में राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद जन कल्याण की कई योजनाएं चलाई गईं। मधु कोड़ा सरकार ने ग्रामीण विकास पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि शिबू सोरेन की सरकार ने आदिवासी अधिकारों पर जोर दिया।

🔶 शिबू सोरेन / मधु कोड़ा काल (2005–2010) की प्रमुख योजनाएं:

  • मनरेगा (MGNREGA) का कार्यान्वयन (2006): ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिन रोजगार गारंटी योजना। झारखंड में इस योजना के तहत लाखों मजदूरों को रोजगार मिला।
  • इंदिरा आवास योजना (IAY) का विस्तार: ग्रामीण गरीबों को पक्के आवास के लिए अनुदान। SC/ST परिवारों को 60% आरक्षण।
  • झारखंड सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना: वृद्धजनों, विधवाओं एवं दिव्यांगों को मासिक पेंशन।
  • मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना: बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करने एवं उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु वित्तीय सहायता।
  • किसान क्रेडिट कार्ड योजना का विस्तार: झारखंड के किसानों को आसान ऋण उपलब्ध कराना।
  • राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) 2005: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण। आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति।
  • आंगनबाड़ी सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम: बच्चों एवं महिलाओं के पोषण एवं स्वास्थ्य हेतु आंगनबाड़ी केंद्रों का विस्तार।
  • झारखंड राज्य ग्रामीण सड़क विकास योजना: ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के साथ समन्वय।
  • झारखंड वन अधिकार पट्टा योजना (2008): वन अधिकार अधिनियम के तहत आदिवासियों को वन भूमि पर अधिकार।
  • मध्यान्ह भोजन योजना (Mid-Day Meal): सरकारी विद्यालयों में बच्चों को निःशुल्क पौष्टिक भोजन।

5. 2010–2014: अर्जुन मुंडा तृतीय एवं हेमंत सोरेन प्रथम कार्यकाल की योजनाएं

वर्ष 2010 में अर्जुन मुंडा पुनः मुख्यमंत्री बने। 2013 में हेमंत सोरेन ने पहली बार मुख्यमंत्री का पद संभाला। इस दौर में सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और कृषि पर विशेष ध्यान दिया गया।

  • झारखंड मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना (2011): BPL परिवारों को 2 रुपये किलो गेहूं एवं 3 रुपये किलो चावल।
  • झारखंड राज्य फसल राहत योजना: प्राकृतिक आपदाओं में फसल नुकसान पर किसानों को मुआवजा।
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) 2013 का क्रियान्वयन: 80% ग्रामीण एवं 50% शहरी जनसंख्या को सस्ता अनाज।
  • आजीविका मिशन (NRLM) – 2013: महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाना। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल।
  • मुख्यमंत्री जन-वन योजना (2013): वन क्षेत्रों में जड़ी-बूटियों एवं लघु वन उत्पादों के संग्रह एवं विपणन के लिए आदिवासियों को सहायता।
  • प्रधानमंत्री ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम (NRDWP): हर घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य।
  • अन्नपूर्णा योजना: 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धों को निःशुल्क 10 किलो अनाज प्रतिमाह।
  • सुकन्या समृद्धि योजना (केंद्र प्रायोजित) का क्रियान्वयन: बालिकाओं के भविष्य के लिए बचत।
  • हेमंत सोरेन प्रथम कार्यकाल – झारखंड स्कूल मील योजना: स्कूलों में दोपहर के खाने की गुणवत्ता सुधार।
  • झारखंड मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (2013): किशोरी बालिकाओं को शिक्षा एवं विवाह के लिए वित्तीय सहायता।

6. 2014–2019: रघुवर दास सरकार की प्रमुख योजनाएं

रघुवर दास की भाजपा सरकार ने 5 वर्षों तक शासन किया – यह झारखंड में किसी एक सरकार का पहला पूर्ण कार्यकाल था। इस दौरान डिजिटलीकरण, कौशल विकास, उद्योग और आधारभूत ढांचे पर विशेष जोर दिया गया।

🔶 रघुवर दास सरकार (2014–2019) की प्रमुख योजनाएं:

  • मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना (MMKAY) – 2019: किसानों को प्रति एकड़ 5,000 रुपये की वार्षिक सहायता। 5 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को लाभ।
  • आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) – 2018: प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा। झारखंड में इसे सक्रिय रूप से लागू किया गया।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) का विस्तार: ग्रामीण गरीबों को पक्के मकान। इंदिरा आवास योजना का नया रूप।
  • झारखंड कौशल विकास मिशन (JSDM): युवाओं को उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण। प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ MOU।
  • उज्ज्वला योजना का कार्यान्वयन (2016): BPL परिवारों की महिलाओं को निःशुल्क LPG कनेक्शन। राज्य में लाखों परिवारों को धुआं-मुक्त रसोई।
  • सौभाग्य योजना (2017): हर घर में बिजली कनेक्शन। ग्रामीण क्षेत्रों में 100% विद्युतीकरण लक्ष्य।
  • जल जीवन मिशन (JJM) – 2019: हर घर नल का जल योजना। 2024 तक हर घर पाइप जल कनेक्शन।
  • ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट – झारखंड (2017): उद्योग निवेश को आकर्षित करने के लिए वैश्विक निवेशक सम्मेलन। रांची में आयोजित।
  • झारखंड राज्य स्वास्थ्य मिशन: जिला एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण।
  • मुख्यमंत्री जन-धन योजना: सभी परिवारों का बैंक खाता खोलना एवं DBT के माध्यम से लाभ हस्तांतरण।
  • राष्ट्रीय पोषण मिशन – पोषण अभियान (2018): कुपोषण की समस्या को दूर करने हेतु विशेष अभियान।
  • झारखंड डिजिटल मिशन: ई-गवर्नेंस एवं डिजिटल सेवाओं का विस्तार। मोबाइल सेवा केंद्र स्थापित करना।
  • मुख्यमंत्री श्रमिक योजना: असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा।
  • प्रज्ञा केंद्र (CSC) का विस्तार: ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की डिजिटल पहुंच।
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान: बालिका सुरक्षा एवं शिक्षा को प्रोत्साहन।
  • झारखंड स्मार्ट सिटी मिशन: रांची को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की पहल।
  • कृषि विकास योजना – प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना: हर खेत को पानी एवं ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा।

7. 2019–2024: हेमंत सोरेन द्वितीय कार्यकाल की प्रमुख योजनाएं

दिसंबर 2019 में हेमंत सोरेन ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाला। JMM-कांग्रेस-RJD गठबंधन सरकार ने आदिवासी अधिकार, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक न्याय को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं लागू कीं।

🔶 हेमंत सोरेन द्वितीय कार्यकाल (2019–2024) की प्रमुख योजनाएं:

  • सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना (2021): किशोरी बालिकाओं को कक्षा 8वीं से 12वीं तक विभिन्न किस्तों में कुल ₹40,000 की सहायता। बाल विवाह रोकना एवं बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित करना। 18 वर्ष के बाद ₹20,000 का अतिरिक्त लाभ।
  • झारखंड मुख्यमंत्री मैंया सम्मान योजना (2023): 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को ₹1,000 प्रतिमाह सीधे बैंक खाते में। महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक पहल। लाखों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता।
  • गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (2022): उच्च शिक्षा के लिए 4% ब्याज दर पर ₹15 लाख तक ऋण। मेधावी छात्रों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ने का अवसर। ₹2,500 प्रतिमाह जीवन-यापन भत्ता।
  • झारखंड एकलव्य प्रशिक्षण योजना: UPSC/JPSC एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग।
  • सर्वजन पेंशन योजना (2022): 60 वर्ष से अधिक सभी वृद्धों को ₹1,000 प्रतिमाह पेंशन। विधवाओं एवं दिव्यांगों को भी लाभ। पूर्व की जटिल पात्रता शर्तें हटाकर सार्वभौमिक पेंशन।
  • आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार (2021–2022): सरकारी अधिकारी गांव-गांव जाकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाएं। लाखों लोगों को घर बैठे योजनाओं का लाभ मिला।
  • झारखंड राज्य फसल राहत योजना (JRFRY – 2021): प्राकृतिक आपदा में फसल नुकसान पर किसानों को मुआवजा। PMFBY से अलग झारखंड की अपनी फसल बीमा योजना।
  • अबुआ स्वास्थ्य बीमा योजना (2024): जो परिवार आयुष्मान भारत के पात्र नहीं हैं उन्हें ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा। लगभग 17 लाख परिवार लाभान्वित।
  • मुख्यमंत्री सूखा राहत योजना: सूखे की स्थिति में किसानों को तत्काल राहत राशि।
  • झारखंड शिक्षा परियोजना – मॉडल स्कूल: राज्य में 80 से अधिक मॉडल स्कूलों की स्थापना। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार।
  • महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (MKSP): महिला किसानों को कृषि तकनीक एवं बाजार से जोड़ना।
  • पालनहार योजना: अनाथ बच्चों एवं विशेष श्रेणी के परिवारों के बच्चों की देखभाल हेतु सहायता।
  • झारखंड मातृ वंदना योजना: पहले जीवित बच्चे के जन्म पर गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को ₹5,000।
  • मुफ्त बिजली बिल माफी योजना (2024): घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक निःशुल्क बिजली।

8. 2024–2026: नई हेमंत सोरेन सरकार की प्रमुख योजनाएं

नवंबर 2024 के विधानसभा चुनाव में JMM-INDIA गठबंधन ने ऐतिहासिक जीत हासिल की। हेमंत सोरेन तीसरी बार मुख्यमंत्री बने। नई सरकार ने पुरानी योजनाओं को जारी रखते हुए नई योजनाएं भी शुरू कीं।

  • अबुआ आवास योजना (2023 – जारी 2026): गरीब परिवारों को तीन कमरों का पक्का घर। ₹2 लाख की सहायता 5 किस्तों में। पहली किस्त ₹50,000। PMAY से अलग राज्य की अपनी आवास योजना।
  • मुख्यमंत्री मैंया सम्मान योजना (विस्तार 2025): राशि बढ़ाकर ₹2,500 प्रतिमाह करने की घोषणा। महिलाओं को सालाना ₹30,000 का लाभ।
  • झारखंड महिला उद्यमिता विकास योजना (2025): महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सस्ता ऋण एवं प्रशिक्षण।
  • 5000 मॉडल स्कूल योजना (2024 घोषणा): राज्य भर में 5,000 मॉडल स्कूलों की स्थापना का लक्ष्य।
  • गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना (विस्तार 2025-26): बजट में विस्तारित। अधिक छात्रों को उच्च शिक्षा ऋण।
  • अबुआ वीर दिशोम अभियान: भूमि अतिक्रमण से आदिवासियों की जमीन वापस दिलाने की मुहिम।
  • झारखंड युवा कौशल विकास योजना (2025): युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के लिए प्रशिक्षण।
  • ग्रामीण सड़क एवं पुल निर्माण योजना 2025-26: राज्य के दूरदराज इलाकों को सड़क नेटवर्क से जोड़ना।
  • किसान सम्मान एवं फसल राहत योजना (2025): किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए सहायता।
  • झारखंड हरित ऊर्जा योजना (2025): सौर ऊर्जा एवं अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा। ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर पैनल।

9. झारखंड में लागू प्रमुख केंद्रीय योजनाएं (2000–2026)

केंद्र सरकार की अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं झारखंड में भी लागू की गई हैं। इन योजनाओं का लाभ झारखंड के करोड़ों लोगों को मिला है।

  • प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G): ग्रामीण गरीबों को पक्के मकान।
  • मनरेगा (MGNREGA): 100 दिन रोजगार गारंटी।
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना: बैंकिंग सेवाओं का विस्तार।
  • उज्ज्वला योजना: निःशुल्क LPG कनेक्शन।
  • आयुष्मान भारत – PMJAY: ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा।
  • पीएम किसान सम्मान निधि: किसानों को ₹6,000 वार्षिक।
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA): सस्ते दर पर अनाज।
  • जल जीवन मिशन: हर घर नल से जल।
  • स्वच्छ भारत मिशन: खुले में शौच मुक्त झारखंड।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): किसान फसल बीमा।
  • डिजिटल इंडिया: ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी।
  • स्किल इंडिया मिशन: युवाओं को कौशल प्रशिक्षण।
  • सुकन्या समृद्धि योजना: बालिकाओं के लिए बचत योजना।

10. श्रेणीवार योजनाओं का वर्गीकरण

🏠 आवास योजनाएं:

बिरसा मुंडा आवास योजना, इंदिरा आवास योजना, PMAY-G, अबुआ आवास योजना

👩 महिला सशक्तिकरण योजनाएं:

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मैंया सम्मान योजना, मातृ वंदना योजना, उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

📚 शिक्षा योजनाएं:

बिरसा मुंडा तकनीकी छात्रवृत्ति, SSA, मध्यान्ह भोजन, गुरुजी क्रेडिट कार्ड, झारखंड एकलव्य प्रशिक्षण, मॉडल स्कूल

🌾 कृषि एवं किसान योजनाएं:

किसान क्रेडिट कार्ड, MMKAY, JRFRY, PM किसान, PMFBY, सूखा राहत योजना

🏥 स्वास्थ्य योजनाएं:

NRHM, आयुष्मान भारत, अबुआ स्वास्थ्य बीमा, पोषण अभियान

👴 पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाएं:

झारखंड सामाजिक सुरक्षा पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन, सर्वजन पेंशन योजना

💼 रोजगार एवं कौशल विकास:

MGNREGA, JSDM, स्किल इंडिया, युवा कौशल विकास योजना

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. झारखंड सरकार की अबुआ आवास योजना क्या है और इसका लाभ कैसे मिलेगा?

अबुआ आवास योजना झारखंड सरकार द्वारा चलाई जा रही एक आवास योजना है जिसके तहत गरीब परिवारों को तीन कमरों का पक्का घर बनाने के लिए ₹2 लाख की सहायता 5 किस्तों में दी जाती है। पात्र परिवारों को ऑनलाइन या प्रज्ञा केंद्र (CSC) के माध्यम से आवेदन करना होता है। BPL परिवारों, आदिवासियों और भूमिहीन मजदूरों को प्राथमिकता मिलती है।

Q2. झारखंड मैंया सम्मान योजना में महिलाओं को कितना पैसा मिलता है?

मैंया सम्मान योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की पात्र महिलाओं को ₹1,000 प्रतिमाह सीधे बैंक खाते में मिलता है। 2025 में इसे बढ़ाकर ₹2,500 प्रतिमाह करने की घोषणा हुई है। वार्षिक आय 3 लाख से कम और झारखंड की स्थायी निवासी महिलाएं पात्र हैं।

Q3. गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना क्या है?

इस योजना में मात्र 4% ब्याज दर पर ₹15 लाख तक का शिक्षा ऋण मिलता है। साथ में ₹2,500 प्रतिमाह जीवन-यापन भत्ता भी दिया जाता है। झारखंड के मेधावी छात्र IIT, NIT, मेडिकल कॉलेज आदि में पढ़ सकते हैं।

Q4. सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना में किसे लाभ मिलता है?

BPL/अंत्योदय परिवारों की बालिकाओं को कक्षा 8 से 12 तक कुल ₹40,000 की सहायता मिलती है। 18 वर्ष बाद ₹20,000 अतिरिक्त मिलते हैं। यह योजना बाल विवाह रोकने एवं बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए है।

Q5. झारखंड सर्वजन पेंशन योजना का लाभ कैसे लें?

60 वर्ष या उससे अधिक आयु के झारखंड के स्थायी निवासी सभी वृद्धजनों को ₹1,000 प्रतिमाह पेंशन मिलती है। विधवाओं एवं दिव्यांगों को भी लाभ मिलता है। ब्लॉक कार्यालय या प्रज्ञा केंद्र में आवेदन करें।

Q6. 2000 से 2026 तक झारखंड में कुल कितने मुख्यमंत्री रहे?

झारखंड राज्य गठन (2000) से 2026 तक कुल 7 व्यक्ति मुख्यमंत्री रहे हैं, लेकिन अनेक बार पुनः नियुक्त होने के कारण 14 से अधिक कार्यकाल हुए हैं। बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, शिबू सोरेन, मधु कोड़ा, हेमंत सोरेन, रघुवर दास और चंपाई सोरेन।

Q7. झारखंड में आयुष्मान भारत और अबुआ स्वास्थ्य बीमा में क्या अंतर है?

आयुष्मान भारत (PMJAY) केंद्र सरकार की योजना है जो SECC-2011 सूची के पात्र परिवारों को ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा देती है। अबुआ स्वास्थ्य बीमा योजना झारखंड की अपनी योजना है जो उन परिवारों को ₹5 लाख का बीमा देती है जो PMJAY के पात्र नहीं हैं।

Q8. झारखंड सरकार की योजनाओं का लाभ कैसे और कहां से लें?

झारखंड सरकार की योजनाओं के लिए प्रज्ञा केंद्र (CSC), ब्लॉक कार्यालय, जिला कल्याण कार्यालय से संपर्क करें। ऑनलाइन आवेदन के लिए jharkhand.gov.in विजिट करें।

✅ निष्कर्ष (Conclusion)

झारखंड राज्य की स्थापना से लेकर अब तक वर्ष 2000 से 2026 के बीच विभिन्न सरकारों ने जन कल्याण के लिए सैकड़ों योजनाएं चलाई हैं। इन योजनाओं ने राज्य के गरीब, आदिवासी, महिलाओं, बच्चों, किसानों एवं युवाओं के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में राज्य की नींव रखी गई, रघुवर दास ने पहला पूर्ण कार्यकाल पूरा कर डिजिटलीकरण एवं उद्योग पर जोर दिया, तो हेमंत सोरेन की सरकारों ने महिला सशक्तिकरण, आदिवासी अधिकार एवं सामाजिक न्याय को केंद्र में रखा। अबुआ आवास योजना, मैंया सम्मान योजना, गुरुजी क्रेडिट कार्ड, सर्वजन पेंशन जैसी योजनाएं झारखंड की पहचान बन चुकी हैं।

आज भी झारखंड सरकार की योजनाएं लाखों-करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। यदि आप इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं तो अपने नजदीकी प्रज्ञा केंद्र पर जाएं या jharkhand.gov.in पोर्टल पर जानकारी प्राप्त करें।

📌 महत्वपूर्ण सरकारी लिंक:

🔗 झारखंड सरकार पोर्टल: jharkhand.gov.in
🔗 मैंया सम्मान योजना: mmy.jharkhand.gov.in
🔗 अबुआ आवास योजना: aay.jharkhand.gov.in
🔗 झार सेवा: jharsewa.jharkhand.gov.in

🔔 इस जानकारी को अपने परिवार एवं मित्रों के साथ शेयर करें ताकि वे भी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें!

📝 अस्वीकरण: यह जानकारी शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। योजनाओं की नवीनतम जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइट देखें।

© 2026 InfoSrKrishnavi. All Rights Reserved.
Designed & Maintained by InfoSrKrishnavi

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Ok, Go it!