झारखंड करंट अफेयर्स: जनवरी 2026 (Detailed Analysis)

प्रस्तुतकर्ता: Infosrkrishnavi | विशेष रूप से JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के लिए

1. ओलचिकी लिपि शताब्दी समारोह और राष्ट्रपति की यात्रा

🪷जनवरी 2026 में, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संथाली भाषा की लिपि 'ओलचिकी' के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी समारोह में भाग लिया। 🪷 पंडित रघुनाथ मुर्मू ने वर्ष 1925 को संथाली भाषा की लिपि ओलचिकी का आविष्कार किए थे। 🪷 राष्ट्रपति जी ने जमशेेदपुुर केे करांंडीह स्थित डिशोम जाहेेरथाान में हो 22वेंं पाारसी महा संंथााली सम्मेेलन समारोह में शामिल हुई । ।

परीक्षा हेतु "To-the-Point" तथ्य:

  • 🍂ओल चिकी लिपि: संथाली भाषा की लिपि है।
  • 🍂ओलचिकी लिपि के जनक:- पंडित रघुनाथ मुर्मू ,1925 ई को (मयूरभंज, ओडिशा) माना जाता है।
  • 🍂महत्वपूर्ण वर्ष:- ओलचिकी लिपि का 2026 को 100 साल पूरे हुए।
  • 🍂संथाली भाषा की संवैधानिक स्थिति:- संथाली भाषा को 92वेंं संंवैैधाानिक संंशोधन अधिनियम 2003 को भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल किया गया है ।

2. झारखंड में पेसा (PESA) नियमावली 2026 का ऐतिहासिक क्रियान्वयन

🪷राज्य गठन के लगभग 25 साल बाद, 2 जनवरी 2026 को झारखंड सरकार ने पेसा (Panchayats Extension to Scheduled Areas) नियमों को लागू कर दिया गया है। 🪷यह नियम झारखंड के 13 अधिसूचित जिलों (Fifth Schedule areas) में ग्राम सभाओं को सर्वोच्च शक्ति प्रदान करेगी । 🪷अब ग्राम सभा के पास जमीन अधिग्रहण पर अनिवार्य परामर्श, लघु खनिजों के पट्टे की मंजूरी और स्थानीय नीतियों में हस्तक्षेप का कानूनी अधिकार होगा। इसका उद्देश्य जनजातीय समुदायों की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को संवैधानिक संरक्षण देना है।

परीक्षा हेतु "To-the-Point" तथ्य:

  • 🍂अधिसूचना तिथि:– 2 जनवरी 2026
  • 🍂इससे संबंधित महत्वपूर्ण समिति:– भूरिया समिति की अनुशंसा पर केंद्रीय पेसा एक्ट 1996 बना था
  • 🍂झारखंड के संदर्भ में: झारखंड राज्य गठन के 25 साल बाद लागू हुआ
  • 🍂अब प्रमुख शक्ति ग्राम सभा में निहित होगी, जिससे : ग्राम सभा को जल, जंगल और जमीन पर प्रबंधन का अधिकार मिलेगा।

3. विश्व आर्थिक मंच (WEF) दावोस और CM का Oxford व्याख्यान

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनवरी 2026 में स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' में झारखंड का पक्ष रखा। वे इस वैश्विक मंच पर प्रतिनिधित्व करने वाले ★झारखंड राज्य के पहले मुख्यमंत्री★ बन गए हैं। 🪷 उन्होंने ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Blavatnik School of Government) में एक विशेष व्याख्यान दिया। 🪷उन्होंने "सतत विकास और जनजातीय अधिकारों के बीच संतुलन" पर चर्चा की, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड की ब्रांडिंग हुई।

परीक्षा हेतु "To-the-Point" तथ्य:

  • 🍂स्थान: दावोस (स्विट्जरलैंड)
  • 🍂ऑक्सफोर्ड व्याख्यान:– व्याख्यान देने वाले झारखंड के पहले मुख्यमंत्री
  • 🍂 इस कार्यक्रम का प्रमुख थीम: Growth in Harmony with Nature था।

4. टाटा स्टील का ₹11,000 करोड़ का 'ग्रीन स्टील' प्रोजेक्ट

🪷टाटा स्टील ने जमशेदपुर में पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की स्टील जरूरतों के लिए ₹11,000 करोड़ के निवेश का समझौता किया है। 🪷इस प्रोजेक्ट के माध्यम से टाटा स्टील अपनी कार्बन तीव्रता (carbon intensity) को वैश्विक मानकों के अनुरूप कम करेगी। 🪷 इस काम के लिए HISARNA और EASyMelt तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जो ब्लास्ट फर्नेस में कार्बन उत्सर्जन को 80% तक कम करने की क्षमता रखती हैं। यह झारखंड को देश का पहला 'ग्रीन स्टील हब' बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

परीक्षा हेतु "To-the-Point" तथ्य:

  • 🍂निवेश की जाने वाली राशि: ₹11,000 करोड़
  • 🍂स्थान: झारखंड राज्य की स्टील सिटी कही जाने वाली शहर जमशेदपुर में ।
  • 🍂प्रमुख लक्ष्य: 2030 तक लो-कार्बन स्टील का उत्पादन करना
  • 🍂नई तकनीक: HISARNA और EASyMelt का प्रयोग की जाने वाली है।

5. ऑपरेशन मेगाबुरु: नक्सल विरोधी अभियान में निर्णायक सफलता

🪷पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा वन क्षेत्र में कोबरा (CRPF) और झारखंड पुलिस द्वारा ★ऑपरेशन मेगाबुरु★ संचालित किया गया। 🪷यह अभियान नक्सलियों के शीर्ष नेतृत्व (Central Committee) को लक्षित करके चलाया गया था। ★किरीबुरु और गुआ के जंगलों में★ हुई भीषण मुठभेड़ में 16 से अधिक नक्सली मारे गए, जिनमें कुख्यात कमांडर अनल (Anal) भी शामिल था। 🪷 ऑपरेशन मेगाबुरु की सफलता ने झारखंड के दक्षिणी क्षेत्र में नक्सली प्रभाव को लगभग समाप्त कर दिया है।

परीक्षा हेतु "To-the-Point" तथ्य:

  • 🍂क्षेत्र: सारंडा का जंगल (पश्चिमी सिंहभूम)
  • 🍂शामिल बल: CoBRA (CRPF) और झारखंड पुलिस का संयुक्त अभियान
  • 🍂 परिणाम: शीर्ष नेता अनल उर्फ पतिराम मांझी का सफाया

6. न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक: झारखंड के 18वें मुख्य न्यायाधीश

🪷9 जनवरी 2026 को न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक ने झारखंड उच्च न्यायालय के 18वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। 🪷 इनको राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। 🪷 जस्टिस सोनक इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट में थे। उन्होंने जस्टिस टी.एस. चौहान का स्थान लिया, जो 8 जनवरी को सेवानिवृत्त हुए थे।

परीक्षा हेतु "To-the-Point" तथ्य:

  • 🍂18वें क्रम का: मुख्य न्यायाधीश
  • 🍂शपथ तिथि: 9 जनवरी 2026
  • 🍂 शपथ दिलाई गई: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार जी के द्वारा

7. एमएसएमई (MSME) डिफेंस कॉन्क्लेव - 2026

🪷आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर (सरायकेला-खरसावां) में 16-17 जनवरी को झारखंड का पहला 'एमएसएमई डिफेंस कॉन्क्लेव' आयोजित किया गया। 🪷 इस कॉन्क्लेव का उद्घाटन केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने किया। इसका मुख्य उद्देश्य टाटा स्टील, महिंद्रा और बीईएमएल जैसी बड़ी कंपनियों के साथ राज्य के छोटे उद्योगों (MSMEs) को जोड़ना है ताकि रक्षा क्षेत्र में झारखंड की भागीदारी बढ़ सके।

परीक्षा हेतु "To-the-Point" तथ्य:

  • 🍂 उद्घाटन स्थल: आदित्यपुर, झारखंड
  • 🍂इस कॉन्क्लेव का प्रमुख उद्देश्य:झारखंड (जमशेदपुर, आदित्यपुर) को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना
  • 🍂प्रमुख अतिथि:केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ (MoS Defence)

8. गिद्ध संरक्षण परियोजना (Vulture Conservation)

🪷झारखंड वन विभाग ने लुप्तप्राय गिद्धों को बचाने के लिए ★बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी' (BNHS)★ के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। 🪷झारखंड में गिद्धों की संख्या में 90% से अधिक की गिरावट आई है। इस समझौते के तहत हजारीबाग और कोडरमा जिलों के क्षेत्रों में गिद्धों के लिए ★सेफ जोन★ विकसित किए जाएंगे और ★कैप्टिव ब्रीडिंग★ के माध्यम से उनकी जनसंख्या बढ़ाई जाएगी।

परीक्षा हेतु "To-the-Point" तथ्य:

  • 🍂MoU पर हस्ताक्षर किए गए : BNHS (Bombay Natural History Society) के साथ ।
  • 🍂गिद्धों का लुप्तप्राय संकट उत्पन्न होने का मुख्य कारण: डिक्लोफेनाक (Diclofenac) दवा का प्रतिकूल प्रभाव पड़ना।
  • 🍂 मुख्य फोकस: कैप्टिव ब्रीडिंग और हेल्थ मॉनिटरिंग की सहायता से गिद्धों की संख्या में बढ़ोतरी करना ।